झरिया: भारत का जलता शहर
| प्रमुख पहलू | विवरण |
|---|---|
| स्थान | झरिया, धनबाद जिला, झारखंड |
| महत्त्व | भूमिगत कोयला आग के कारण इसे "भारत का जलता हुआ शहर (Burning City of India)" कहा जाता है। |
| कोयले का प्रकार | उच्च गुणवत्ता वाला कोयला, जिसका उपयोग मुख्यतः इस्पात (Steel) उत्पादन में किया जाता है। |
| आग लगने का कारण | खदानों की दरारों से हवा के संपर्क में आने पर कोयले का स्वतः गर्म होना (Self-heating) और धीरे-धीरे सुलगना। |
| प्रारंभिक कारण | पुरानी कोयला खदानों को उचित रूप से बंद न किया जाना। |
| प्रभाव | • हानिकारक गैसों (कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड) का उत्सर्जन।<br>• भूमि धंसाव (Ground Collapse) की समस्या।<br>• स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ जैसे श्वसन, आंखों और त्वचा संबंधी रोग।<br>• स्थानीय निवासियों का विस्थापन (Displacement)। |

