WHO ने DRC और युगांडा में इबोला प्रकोप को लेकर वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| घटना | WHO ने इबोला प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (Public Health Emergency of International Concern - PHEIC) घोषित किया। |
| स्थान | कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) के इतुरी प्रांत तथा युगांडा। |
| वायरस स्ट्रेन | बुंडिबुग्यो वायरस स्ट्रेन (Bundibugyo Virus Strain) — इबोला वायरस का एक दुर्लभ प्रकार। |
| फैलने का तरीका | ज़ूनोटिक (Zoonotic) — पशुओं से मनुष्यों में फैलता है; तथा मानव-से-मानव संक्रमण संक्रमित शारीरिक द्रवों या दूषित सतहों के सीधे संपर्क से होता है। |
| प्राकृतिक मेज़बान | फलाहारी चमगादड़ (Fruit Bats) |
| लक्षण | तेज बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चकत्ते, अंगों की विफलता, आंतरिक/बाहरी रक्तस्राव, भ्रम तथा तंत्रिका संबंधी जटिलताएँ। |
| निदान | RT-PCR परीक्षण, ELISA परीक्षण, एंटीजन पहचान (Antigen Detection) तथा वायरस पृथक्करण (Virus Isolation)। |
| उपचार | मोनोक्लोनल एंटीबॉडी उपचार (Ansuvimab, Inmazeb) तथा सहायक उपचार (Supportive Care) जैसे जलयोजन (Hydration), ऑक्सीजन सहायता और संक्रमण प्रबंधन। |
| उपलब्ध टीके | Ervebo, Zabdeno और Mvabea; हालांकि Bundibugyo स्ट्रेन के विरुद्ध इनकी प्रभावशीलता पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। |

