विरासत: 10वाँ राष्ट्रीय हथकरघा दिवस
| इवेंट का नाम | वीरासत |
|---|---|
| आयोजक | भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम लिमिटेड (एनएचडीसी) |
| स्थल | हथकरघा हाट, जनपथ |
| तिथियाँ | 3 अगस्त से 16 अगस्त 2024 |
| उद्देश्य | 10वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उत्सव |
| मुख्य गतिविधियाँ | हथकरघा बुनकरों के लिए 75 स्टॉल, क्यूरेटेड थीम डिस्प्ले, प्राकृतिक रंगों, कस्तूरी कपास, डिजाइन और निर्यात पर कार्यशालाएं, लाइव लूम प्रदर्शन, लोक नृत्य, क्षेत्रीय व्यंजन |
| जनता के लिए उपलब्धता | सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक खुला |
| हैशटैग अभियान | #MyProductMyPride |
| ऐतिहासिक संदर्भ | 7 अगस्त 1905 को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई, जिसने स्वदेशी उद्योगों, विशेषकर हथकरघा बुनकरों को प्रोत्साहित किया। 2015 में, भारत सरकार ने 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस घोषित किया। |
| पहला राष्ट्रीय हथकरघा दिवस | 7 अगस्त 2015, चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित |
| हथकरघा क्षेत्र में रोज़गार | 35 लाख लोग सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कार्यरत |
| सरकारी योजनाएँ | शून्य दोष और शून्य पर्यावरणीय प्रभाव के साथ उच्च गुणवत्ता वाले हथकरघा उत्पादों की ब्रांडिंग |
| अद्वितीय हथकरघा उत्पाद | बनारसी, जामदानी, बालूचरी, मधुबनी, कोसा, इकत, पटोला, टसर सिल्क, महेश्वरी, मोइरांग फी, फुलकारी, लहरिया, खंडुआ, तांगालिया |

