मध्य प्रदेश में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीता आवास के रूप में नामित किया गया
| विषय | प्रमुख तथ्य |
|---|---|
| घटना | वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का तीसरा चीता आवास बना। इससे पहले कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य चीता आवास के रूप में स्थापित किए गए थे। |
| नए चीते शामिल किए गए | व्योम और नीरा नामक दो चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित किया गया। |
| प्रोजेक्ट चीता का विस्तार | बुंदेलखंड क्षेत्र में पहली बार चीतों को छोड़ा गया, जिससे इस पहल का विस्तार कूनो और गांधी सागर से आगे हुआ। |
| प्रमुख हितधारक | राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) और मध्य प्रदेश वन विभाग। |

