उत्तराखंड और IRCTC की दक्षिण भारत के लिए विशेष टूरिस्ट ट्रेन
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| साझेदार | उत्तराखंड पर्यटन विभाग और IRCTC |
| ट्रेन का नाम | केदार बद्री कार्तिक (मुरुगन) कोयिल यात्राई |
| मार्ग | मदुरै (तमिलनाडु) से ऋषिकेश (उत्तराखंड) |
| यात्री | 165 |
| यात्रा अवधि | 12 दिन और रातें |
| यात्रा के मुख्य आकर्षण | कार्तिक स्वामी मंदिर (रुद्रप्रयाग), बद्रीनाथ, केदारनाथ |
| यात्रा में शामिल सेवाएं | ठहरने और भोजन की सुविधाएं |
| उद्देश्य | दक्षिण भारत, विशेषकर चेन्नई से तीर्थयात्रियों को आकर्षित करना |
| विशेष विशेषता | कार्तिक स्वामी मंदिर उत्तर भारत में भगवान कार्तिकेय का एकमात्र मंदिर है |
| पिछली ट्रेनें | मानसखंड एक्सप्रेस (पुणे से कुमाऊं क्षेत्र, मार्च और अप्रैल 2024 में लॉन्च) |
| IRCTC | मिनी रत्न श्रेणी-I (2008), रेल मंत्रालय की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी |
| IRCTC के व्यावसायिक खंड | इंटरनेट टिकटिंग, केटरिंग, पैकेज्ड पीने का पानी, यात्रा और पर्यटन |
| IRCTC का निगमन | सितंबर 1999 |
| IRCTC का अधिकार | भारतीय रेलवे पर केटरिंग, ऑनलाइन टिकटिंग और पैकेज्ड पीने के पानी के लिए विशेष अधिकार |

