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उत्तर प्रदेश में 'लव जिहाद' कानून पारित

उत्तर प्रदेश में 'लव जिहाद' कानून पारित
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उत्तर प्रदेश में 'लव जिहाद' कानून पारित

पहलूविवरण
घटनाउत्तर प्रदेश विधानसभा ने उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन (संशोधन) विधेयक, 2024 पारित किया।
मुख्य प्रावधानकुछ परिस्थितियों में दोषियों के लिए आजीवन कारावास की अधिकतम सजा।
विशेष प्रावधान- धमकी, शादी का वादा या साजिश के तहत धर्म परिवर्तन करने पर 20 साल की कैद या आजीवन कारावास।<br> - कोई भी व्यक्ति एफआईआर दर्ज करा सकता है, यह अधिकार केवल माता-पिता, पीड़ित या भाई-बहन तक सीमित नहीं है।<br> - मामलों की सुनवाई केवल सत्र न्यायालयों में होगी।<br> - अपराध जमानत योग्य नहीं है।<br> - शादी के लिए स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्तियों को जिला मजिस्ट्रेट को दो महीने पहले सूचित करना अनिवार्य है।
ऐतिहासिक संदर्भ- ओडिशा (1967): धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने वाला पहला राज्य।<br> - मध्य प्रदेश (1968): धर्म स्वतंत्रता अधिनियम लागू किया।<br> - अरुणाचल प्रदेश (1978), गुजरात (2003), छत्तीसगढ़ (2000, 2006), राजस्थान (2006, 2008), हिमाचल प्रदेश (2006, 2019), तमिलनाडु (2002-2004), झारखंड (2017), उत्तराखंड (2018), उत्तर प्रदेश (2021), हरियाणा (2022)।

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