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I. शहरी माओवाद: अवधारणा और रणनीति

  • परिभाषा: CPI(माओवादी) की शहरों में प्रभाव बढ़ाने की रणनीति, जिसके माध्यम से:
    • छात्रों/बुद्धिजीवियों/अल्पसंख्यकों को संगठित करना
    • एनजीओ, मीडिया, नागरिक समाज में घुसपैठ करना
    • विरोध प्रदर्शनों, कानूनी अभियानों, प्रचार का उपयोग करना
  • मुख्य दस्तावेज़: भारतीय क्रांति की रणनीतियाँ और रणनीति (STIR, 2004)
    • ग्रामीण सशस्त्र संघर्ष का समर्थन करने वाले शहरी ठिकाने बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को निर्देशित करता है
  • उदाहरण:
    • एल्गार परिषद मामला (2018): कथित माओवादी संबंधों के लिए गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ता
    • पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) जैसे समूहों के साथ कथित संबंध

II. महाराष्ट्र SPSB 2024 प्रावधान

पहलूमुख्य प्रावधानचिंताएं
गैरकानूनी गतिविधिअस्पष्ट शब्द: "सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करना", "अवज्ञा को प्रोत्साहित करना"वैध असहमति/विरोधों को अपराधी बनाना
दंड• सदस्यता/धन उगाहने के लिए 2-7 वर्ष की जेल <br>संज्ञेय, गैर-जमानतीगिरफ्तारी के लिए सबूत का भार कम करता है
संपत्ति जब्तीदोषसिद्धि से पहले जब्ती (15 दिनों का नोटिस)निर्दोषता की धारणा (अनुच्छेद 21) का उल्लंघन करता है
सलाहकार बोर्ड"गैरकानूनी" स्थिति की पुष्टि के लिए 3-सदस्यीय पैनल (HC योग्य)सीमित न्यायिक निरीक्षण

III. आलोचनात्मक विश्लेषण

  • सुरक्षा अनिवार्यता:
    • फिफ्थ जनरेशन वारफेयर (5GW) (वैचारिक तोड़फोड़) को संबोधित करता है
    • ग्रामीण नक्सलवाद को बनाए रखने वाले शहरी समर्थन नेटवर्क का मुकाबला करता है
  • नागरिक स्वतंत्रता जोखिम:
    • अस्पष्ट परिभाषाएं → कार्यकर्ताओं/पत्रकारों के खिलाफ संभावित दुरुपयोग
    • प्री-ट्रायल संपत्ति जब्ती UAPA/PMLA सुरक्षा उपायों से अधिक है
    • उचित प्रक्रिया को कमजोर करता है (डीके बसु दिशानिर्देशों के विपरीत)
  • कानूनी अतिव्याप्ति: मौजूदा कानूनों (UAPA, IPC) की डुप्लिकेसी → संघवाद प्रश्न बढ़ाता है

अगले कदम: विधेयक विधान परिषद और राज्यपाल की सहमति के साथ लंबित है → संभावित न्यायिक समीक्षा।

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