केंद्रीय गृहमंत्री ने बस्तर पंडुम महोत्सव में संबोधित किया
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| आयोजन | छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बस्तर पंडुम महोत्सव |
| संबोधित किया | केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा |
| उद्देश्य | आदिवासी विरासत का जश्न, नक्सलवाद का मुकाबला और समग्र विकास सुनिश्चित करना |
| सांस्कृतिक झलक | सात विधाओं में प्रतियोगिताओं के माध्यम से आदिवासी कला, संस्कृति और व्यंजन का पुनरुद्धार |
| भविष्य में विस्तार | अगले वर्ष के आयोजन में बारह श्रेणियों के साथ राष्ट्रव्यापी आदिवासी भागीदारी |
| सरकारी लक्ष्य | मार्च 2026 तक नक्सल-मुक्त भारत |
| गाँव प्रोत्साहन योजना | नक्सल-मुक्त गाँवों के लिए 1 करोड़ रुपये का विकास कोष |
| आदिवासी पहचान को बढ़ावा | आदिवासी उत्पादों के लिए जीआई टैगिंग और "स्वदेशी के लिए मुखर" पहल |
| राष्ट्रीय सम्मान | वीर गुंडाधुर का सम्मान, बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना |

