| कुल प्राप्तियाँ (उधार को छोड़कर) | ₹ 34.96 लाख करोड़ |
| कुल व्यय | ₹ 50.65 लाख करोड़ |
| शुद्ध कर प्राप्तियाँ | ₹ 28.37 लाख करोड़ |
| राजकोषीय घाटा | सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.4% |
| सकल बाजार उधार | ₹ 14.82 लाख करोड़ |
| पूंजीगत व्यय | ₹ 11.21 लाख करोड़ (सकल घरेलू उत्पाद का 3.1%) |
| कृषि | - प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना: 100 जिलों, 1.7 करोड़ किसानों को कवर। |
| - दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन: तूर, उड़द और मसूर पर 6-वर्षीय मिशन। |
| - बिहार में मखाना बोर्ड: मखाना के उत्पादन और विपणन के लिए स्थापित। |
| - उच्च उपज वाले बीजों पर राष्ट्रीय मिशन: 100 बीज किस्मों का लक्ष्य। |
| सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) | - MSME वर्गीकरण में संशोधन: निवेश और टर्नओवर सीमा बढ़ाई गई। |
| - सूक्ष्म उद्यमों के लिए क्रेडिट कार्ड: ₹ 5 लाख सीमा, पहले वर्ष में 10 लाख कार्ड। |
| - स्टार्टअप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स: ₹ 10,000 करोड़। |
| - पहली बार उद्यमियों के लिए योजना: 5 लाख लाभार्थियों के लिए ₹ 2 करोड़ का टर्म-लोन। |
| लोगों में निवेश | - सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0: पोषण संबंधी सहायता में वृद्धि। |
| - सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब्स 5 वर्षों में। |
| - ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी: सभी सरकारी माध्यमिक स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) को। |
| - चिकित्सा शिक्षा का विस्तार: 10,000 अतिरिक्त सीटें, 5 वर्षों में 75,000 सीटें। |
| अर्थव्यवस्था में निवेश | - बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक-निजी भागीदारी: 3-वर्षीय परियोजनाओं की पाइपलाइन। |
| - संपत्ति मुद्रीकरण योजना 2025-30: ₹ 10 लाख करोड़ का पूंजी पुनर्निवेश। |
| - परमाणु ऊर्जा मिशन: स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) के लिए ₹20,000 करोड़। |
| - समुद्री विकास कोष: ₹ 25,000 करोड़ का कोष। |
| नवाचार में निवेश | - अनुसंधान, विकास और नवाचार: ₹20,000 करोड़ आवंटित। |
| - प्रधानमंत्री अनुसंधान फेलोशिप: आईआईटी और आईआईएससी में 10,000 फेलोशिप। |
| - राष्ट्रीय भू-स्थानिक मिशन: मूलभूत भू-स्थानिक बुनियादी ढांचे का विकास। |
| निर्यात | - निर्यात प्रोत्साहन मिशन: क्षेत्रीय और मंत्रालयिक लक्ष्य। |
| - भारतट्रेडनेट: व्यापार दस्तावेज़ीकरण और वित्तपोषण के लिए एकीकृत प्लेटफॉर्म। |
| प्रत्यक्ष कर | - ₹ 12 लाख तक की आय पर कोई कर नहीं (वेतनभोगियों के लिए ₹ 12.75 लाख)। |
| - संशोधित कर दर संरचना: 0% से 30% तक प्रगतिशील दरें। |
| - राजस्व हानि: ₹ 1 लाख करोड़। |
| अप्रत्यक्ष कर | - सीमा शुल्क संरचना में तर्कसंगतता: सात टैरिफ दरें हटाई गईं। |
| - राजस्व हानि: ₹ 2,600 करोड़। |
| - दवाओं/औषधियों के आयात पर राहत: 36 जीवनरक्षक दवाओं को पूरी तरह छूट। |