| सिक्किम | 2025 में महिलाओं के लिए भारत का सबसे सुरक्षित राज्य। | महिला शिक्षा, कानून प्रवर्तन, समान रोजगार, कुशल पुलिसिंग, महिला सहायता डेस्क। |
| मिजोरम | मातृवंशीय प्रभावों और मजबूत सामुदायिक संबंधों वाला राज्य। | महिला साक्षरता, शासन में महिलाओं की भागीदारी, सामुदायिक पुलिसिंग। |
| हिमाचल प्रदेश | पर्यटन और महिलाओं की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाता है। | पर्यटक पुलिस इकाइयां, 24/7 हेल्पलाइन, सीसीटीवी कैमरे, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, फास्ट-ट्रैक अदालतें। |
| नागालैंड | जनजातीय परंपराओं के साथ समुदाय संचालित सुरक्षा। | ग्राम परिषदें, सांप्रदायिक विवाद समाधान, महिलाओं की सुरक्षा को सामुदायिक लक्ष्य के रूप में देखना। |
| केरल | उच्च साक्षरता दर और लैंगिक समानता। | स्कूलों में लैंगिक संवेदीकरण, मजबूत न्यायिक प्रणाली, लैंगिक-संवेदनशील पुलिसिंग। |
| उत्तराखंड | शिक्षा और रोजगार के माध्यम से सशक्तिकरण। | फास्ट-ट्रैक अदालतें, मोबाइल पुलिस इकाइयां, महिला कौशल विकास कार्यक्रम, स्वयं सहायता समूह (SHGs)। |
| मेघालय | मजबूत सामुदायिक पुलिसिंग वाला मातृवंशीय समाज। | नागरिक समाज पहल, लैंगिक संवेदनशीलता प्रशिक्षण, मातृवंशीय उत्तराधिकार। |
| अरुणाचल प्रदेश | कुशल कानून प्रवर्तन और जागरूकता अभियान। | महिला आयोग, कानूनी सहायता प्रकोष्ठ, ग्रामीण जागरूकता शिविर, लगातार गश्त। |
| गोवा | सुरक्षित पर्यटन और लैंगिक समावेशी शासन। | निगरानी प्रणाली, पर्यटक-अनुकूल पुलिस दस्ते, महिला उद्यमिता योजनाएं। |
| तमिलनाडु | संस्थागत शक्ति और सार्वजनिक जागरूकता। | सभी-महिला पुलिस स्टेशन, साइबर अपराध इकाइयां, लैंगिक बजट, स्वयं सहायता समूह (SHGs), गैर-सरकारी संगठन (NGOs)। |