थार मरुस्थल में घास के मैदानों के संरक्षण के लिए सुमेर सिंह भाटी को सम्मानित किया गया।
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| नाम | सुमेर सिंह भाटी |
| व्यवसाय | पारंपरिक ऊँट पालक एवं सामुदायिक संरक्षणकर्ता |
| स्थान | जैसलमेर, राजस्थान |
| संरक्षण क्षेत्र | दिगराई माता ओरण (पवित्र घास का मैदान) |
| प्रमुख पहल | ओरण बचाओ पदयात्रा का नेतृत्व किया (तनोट माता मंदिर से जयपुर तक 700 किलोमीटर की 85 दिवसीय पदयात्रा)। |
| घास के मैदानों का पुनरुद्धार | देशी घास की प्रजातियों—सेवण (Lasiurus sindicus) और धामण (Cenchrus setigerus)—का पुनरुद्धार। |
| वन्यजीव संरक्षण | यह क्षेत्र ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण) और एशियाई कैराकल का आवास है। |
| प्राप्त पुरस्कार | रेंजलैंड अवॉर्ड्स 2026 (वैश्विक स्तर पर मान्यता)। |

