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स्काईरूट एयरोस्पेस भारत का पहला निजी कक्षीय रॉकेट ‘विक्रम-1’ लॉन्च करेगा।

स्काईरूट एयरोस्पेस भारत का पहला निजी कक्षीय रॉकेट ‘विक्रम-1’ लॉन्च करेगा।
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स्काईरूट एयरोस्पेस भारत का पहला निजी कक्षीय रॉकेट ‘विक्रम-1’ लॉन्च करेगा।

श्रेणीविवरण
प्रक्षेपण यानविक्रम-1 (भारत का पहला निजी रूप से विकसित कक्षीय प्रक्षेपण यान)
विकासकर्तास्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace)हैदराबाद स्थित निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप।
मिशन का नाममिशन आगमन (Mission Aagaman – The Arrival)
प्रक्षेपण स्थलसतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (Satish Dhawan Space Centre - SDSC), श्रीहरिकोटा (भारत का प्रमुख अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र)
नामकरणडॉ. विक्रम साराभाई (भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक) के सम्मान में।
निगरानी किए जाने वाले प्रमुख मानकध्वनिक कंपन (Acoustic Vibrations), तापीय परिस्थितियाँ (Thermal Conditions), स्टेज सेपरेशन (Stage Separation), उड़ान गतिकी (Flight Dynamics) तथा प्रणोदन दक्षता (Propulsion Efficiency)
संरचनापूर्णतः कार्बन-कॉम्पोजिट (All-Carbon Composite) एयरफ्रेम, जो हल्के वजन का डिज़ाइन प्रदान करता है।
प्रमुख प्रौद्योगिकियाँ3D-प्रिंटेड रॉकेट इंजन (कलाम एवं रमन-I) <br>स्वदेशी GNC (Guidance, Navigation & Control) प्रणाली
महत्त्वभारत का पहला निजी कक्षीय प्रक्षेपण यान<br>लघु उपग्रह (Small Satellite) प्रक्षेपण के वैश्विक बाजार में भारत की भूमिका को मजबूत करेगा। <br>निजी क्षेत्र की भागीदारी को अनुमति देने वाले भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र सुधारों को आगे बढ़ाता है।
विक्रम-S से अंतरविक्रम-S (2022) एक उप-कक्षीय (Sub-Orbital) प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मिशन था, जबकि विक्रम-1 एक संचालनात्मक कक्षीय (Operational Orbital) प्रक्षेपण यान है।

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