साब और HAL का LWS-310 पर सहयोग
| विषय | विवरण |
|---|---|
| खबर में क्यों? | साब ने 13 फरवरी, 2025 को HAL के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर लेजर वार्निंग सिस्टम-310 (LWS-310) का भारत में निर्माण शामिल है। इस समझौते में भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए मेक इन इंडिया के तहत रखरखाव प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (ToT) शामिल है। |
| समझौते में शामिल कंपनियाँ | साब (स्वीडन) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) (भारत) |
| हस्तांतरित प्रौद्योगिकी | LWS-310 के लिए रखरखाव प्रौद्योगिकी हस्तांतरण |
| LWS-310 का उद्देश्य | लेजर-निर्देशित खतरों का पता लगाना और चेतावनी देना, जिससे युद्ध वाहनों की सुरक्षा बढ़ेगी |
| साब-HAL के पिछले समझौते | - 2017: IDAS सिस्टम के लिए साब-HAL अनुबंध (ZAR 112 मिलियन / USD 8.5 मिलियन) - 2013: इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सेल्फ-प्रोटेक्शन सिस्टम के लिए साब का ऑर्डर (SEK 216 मिलियन / USD 33 मिलियन) |
| मेक इन इंडिया पहल | यह समझौता भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है |
| साब का मुख्यालय | स्टॉकहोम, स्वीडन |
| HAL का मुख्यालय | बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत |
| HAL के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक | डॉ. डी. के. सुनील |
| साब इंडिया के प्रबंध निदेशक | मैट्स पामबर्ग |

