बढ़ते 'बॉस स्कैम' के खतरे पर I4C ने भारतीय व्यवसायों के लिए एडवाइजरी जारी की।
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| खतरे का नाम | "बॉस स्कैम" (CEO प्रतिरूपण धोखाधड़ी / CEO Impersonation Fraud) |
| एडवाइजरी जारी करने वाली संस्था | भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (Indian Cyber Crime Coordination Centre - I4C) |
| लक्षित व्यक्ति | CEO, CFO, वित्त अधिकारी, निर्णय लेने वाले अधिकारी तथा कॉर्पोरेट प्रबंधन टीमें। |
| मुख्य उद्देश्य | कर्मचारियों को अनधिकृत धन हस्तांतरण (Unauthorized Fund Transfer) करने या संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए धोखे से प्रेरित करना। |
| हमले का तरीका | प्रतिरूपण (Impersonation) के माध्यम से विश्वास, पदानुक्रम (Hierarchy) और तात्कालिकता (Urgency) का लाभ उठाया जाता है। इसके लिए ई-मेल, व्हाट्सएप संदेश या RBI जैसी फर्जी नियामकीय सूचनाओं का उपयोग किया जाता है। |
| मैलवेयर पहुँचाने का तरीका | ZIP फ़ाइलों के माध्यम से, जिनमें .exe या .dll फ़ाइलें होती हैं, जो Windows उपकरणों को संक्रमित कर देती हैं। |
| प्रमुख रणनीतियाँ | WhatsApp Web सत्रों को हाईजैक करना, संपर्क विवरण में बदलाव करना तथा वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर फर्जी निर्देश भेजकर धोखाधड़ी करना। |

