RBI ने SFB के लिए PSL मानदंडों को बदला
| प्रमुख पहलू | विवरण |
|---|---|
| घोषणाकर्ता | भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) |
| नीति संशोधन | लघु वित्त बैंकों (SFB) के लिए प्राथमिक क्षेत्र ऋण (PSL) मानदंड |
| प्रभावी तिथि | वित्तीय वर्ष 2025-26 |
| पिछली PSL आवश्यकता | समायोजित नेट बैंक क्रेडिट (ANBC) का 75% (40% अनिवार्य, 35% लचीला) |
| संशोधित PSL आवश्यकता | ANBC/CEOBE का 60% (40% अनिवार्य, 20% लचीला) |
| अनिवार्य आवंटन | ANBC/CEOBE का 40% निर्दिष्ट PSL उप-क्षेत्रों (कृषि, MSME, आदि) को |
| लचीला आवंटन | ANBC/CEOBE का 20% प्रतिस्पर्धी लाभ के आधार पर किसी भी PSL उप-क्षेत्र को |
| कानूनी आधार | बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 22(1) |
| उद्देश्य | ऋण दक्षता बढ़ाना, लक्षित ऋण, वित्तीय समावेशन |
| पिछले दिशानिर्देश | 27 नवंबर, 2014 को जारी, 'ऑन-टैप' लाइसेंसिंग (5 दिसंबर, 2019) के माध्यम से विस्तारित |
| प्रभाव | कम नियामक बोझ, रणनीतिक ऋण लचीलापन, वित्तीय समावेशन पर निरंतर ध्यान |

