राजस्थान ने भूजल संरक्षण के लिए 'कर्मभूमि से मातृभूमि' अभियान शुरू किया
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| पहल का नाम | 'कर्मभूमि से मातृभूमि' अभियान |
| शुरू किया गया | राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा |
| उद्देश्य | वर्षा जल संचयन की परंपरा को पुनर्जीवित करना और गिरते भूजल स्तर को रोकना |
| प्रेरणा | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'कैच द रेन' अवधारणा से |
| मुख्य ध्यान | वर्षा जल संरक्षण, पुनर्भरण संरचनाएं, और भूजल पुनर्भरण |
| कार्यान्वयन | ग्रामीण क्षेत्रों में पुनर्भरण शाफ्ट संरचनाओं का निर्माण |
| मुख्य भागीदार | भामाशाह (स्थानीय दानदाता), प्रवासी राजस्थानी व्यवसाई, कॉर्पोरेट्स |
| वित्तीय तंत्र | क्राउडफंडिंग (प्रवासी), कॉर्पोरेट सीएसआर फंडिंग |
| पायलट जिले | सिरोही, पाली, जोधपुर, भीलवाड़ा, झुंझुनू, जयपुर |
| भूजल स्थिति | राजस्थान के 72% (216 पंचायत समितियां) अत्यधिक दोहन की स्थिति में, खराब गुणवत्ता |
| अपेक्षित परिणाम | घरेलू और कृषि उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता में सुधार |

