राजस्थान ने मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली को सुदृढ़ किया।
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| पहल | राजस्थान सरकार ने उच्च-जोखिम गर्भावस्थाओं (High-Risk Pregnancies) की डिजिटल ट्रैकिंग तथा मातृ रेफरल प्रबंधन प्रणाली (Maternal Referral Management System) को सुदृढ़ किया। |
| उद्देश्य | मातृ मृत्यु (Maternal Deaths) में कमी लाना तथा सुरक्षित मातृत्व सेवाओं (Safe Motherhood Services) में सुधार करना। |
| प्रमुख निर्णयकर्ता | मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में स्वास्थ्य भवन, जयपुर में आयोजित उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक। |
| समर्पित सहायता | प्रत्येक उच्च-जोखिम गर्भवती महिला के लिए नियमित फॉलो-अप हेतु एक सहायक नर्स दाई (Auxiliary Nurse Midwife - ANM) नियुक्त की जाएगी। |
| अस्पतालों की तैयारी | सरकारी अस्पतालों को प्रसव संबंधी तैयारियाँ (Delivery Preparedness) सुनिश्चित करने तथा राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMSCL) की खरीद संबंधी प्रक्रियाओं का पालन करने के निर्देश दिए गए। |
| मातृ मृत्यु के प्रमुख कारण | प्रसवोत्तर रक्तस्राव (Postpartum Haemorrhage - PPH), उच्च रक्तचाप, गंभीर एनीमिया, बहु-अंग विफलता (Multi-Organ Failure) तथा सीज़ेरियन ऑपरेशन के बाद की जटिलताएँ। |
| NHRC की भूमिका | राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राजस्थान सरकार से इस विषय पर विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए नोटिस जारी किया। |

