दिल्ली में पहला बोडोलैंड महोत्सव का उद्घाटन
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| आयोजन | पहला बोडोलैंड महोत्सव |
| स्थान | नई दिल्ली |
| उद्घाटनकर्ता | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी |
| तिथियाँ | 15 और 16 नवंबर |
| फोकस | बोडो भाषा, साहित्य और संस्कृति का उत्सव |
| थीम | शांति और सद्भाव से समृद्ध भारत |
| महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संदर्भ | 2020 में बोडो शांति समझौते पर हस्ताक्षर, जिसने दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त किया |
| विकास पैकेज | केंद्र सरकार द्वारा 1500 करोड़ रुपये, असम सरकार द्वारा 700 करोड़ रुपये |
| युवा पुनर्वास | 10,000 से अधिक युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो गए |
| जीआई टैग उत्पाद | अरोन्नाये, डोखोना, गमसा, कराई-दखिनी, आदि। |
| पर्यटन विकास | मानस राष्ट्रीय उद्यान, रायमोना राष्ट्रीय उद्यान |
| कौशल विकास | एसईईडी मिशन (कौशल, उद्यमिता, रोजगार और विकास) |
| सांस्कृतिक पहल | बोडोलैंड रेशम मिशन, बोडोलैंड हथकरघा मिशन |
| प्रमुख व्यक्तित्व | श्री बोडोफा उपेंद्र नाथ ब्रह्मा, गुरुदेव कालीचरण ब्रह्मा |
| क्षेत्रीय प्रभाव | असम, पश्चिम बंगाल, नेपाल और भूटान में बोडो लोगों के बीच एकता को बढ़ावा मिला |
| चिकित्सा बुनियादी ढाँचा | एम्स गुवाहाटी, कोकराझार मेडिकल कॉलेज |

