| मुख्य विषय | जानकारी |
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| घटना | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 सितंबर 2025 को अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार और जीएसटी बचत उत्सव का शुभारंभ किया गया। |
| विशेष उल्लेख | नव-मध्य वर्ग: यह शब्द उन व्यक्तियों को संदर्भित करता है जो हाल ही में गरीबी से बाहर निकले हैं लेकिन अभी तक पारंपरिक मध्य वर्ग की स्थिति तक नहीं पहुंचे हैं। |
| जनसंख्या | लगभग 25 करोड़ भारतीयों ने पिछले ग्यारह वर्षों में गरीबी को हराया है, जिससे नव-मध्य वर्ग बना है। |
| विशेषताएँ | - निम्न-आय वर्ग और पारंपरिक मध्य वर्ग के बीच स्थित। |
| - बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और जीवनशैली के सपनों के साथ महत्वाकांक्षी। | |
| - ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ने में भूमिका निभाता है। | |
| आर्थिक प्रभाव | आवास, इलेक्ट्रॉनिक्स, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और परिवहन की बढ़ती मांग भारत के खपत-आधारित विकास को आकार दे रही है। |
| सरकारी सुधार | - केंद्रीय बजट में ₹12 लाख तक की आय को कर-मुक्त किया गया। |
| - जीएसटी सुधारों ने दैनिक आवश्यक वस्तुओं पर बोझ कम किया, जिसमें अधिकांश वस्तुएं अब 5% टैक्स स्लैब के अंतर्गत आती हैं। | |
| महत्व | - भारत की अर्थव्यवस्था में एक शक्तिशाली ताकत के रूप में उभर रहा है। |
| - उपभोक्ता रुझानों, कार्यबल विस्तार, उद्यमिता और मेड इन इंडिया आंदोलन का समर्थन करता है। | |
| - नीति निर्माताओं के लिए प्रगति का महत्वपूर्ण संकेतक। |

