पीएम ने केन-बेतवा परियोजना की आधारशिला रखी
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | प्रधानमंत्री ने केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना का शिलान्यास किया। |
| स्थान | खजुराहो, मध्य प्रदेश। |
| महत्व | राष्ट्रीय नदी जोड़ योजना के तहत पहली पहल। |
| मुख्य लाभ | - मध्य प्रदेश के 44 लाख और उत्तर प्रदेश के 21 लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध होगा। |
| - 2,000 गाँवों के 7.18 लाख किसान परिवारों की सिंचाई सुधरेगी। | |
| - 103 मेगावाट जलविद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। | |
| आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभाव | - सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक उपयोग के लिए पर्याप्त जल सुनिश्चित होगा। |
| - बुंदेलखंड में आर्थिक विकास, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। | |
| - सूखाग्रस्त बुंदेलखंड क्षेत्र में भूजल की कमी को दूर करेगा। | |
| संरक्षण प्रयास | - छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में चंदेल कालीन हेरिटेज तालाबों की बहाली। |
| - पन्ना टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के लिए निरंतर जल आपूर्ति। | |
| - उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में बाढ़ राहत। | |
| राष्ट्रीय नदी जोड़ परियोजना | राष्ट्रीय नदी जोड़ परियोजना (ILR) का उद्देश्य अधिशेष क्षेत्रों से कमी वाले क्षेत्रों में जल स्थानांतरण करना है। |
| एजेंसी | राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (NWDA) 1982 में स्थापित। |

