निसार उपग्रह प्रक्षेपण: जून 2025 तक पुनर्निर्धारित
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| मिशन का नाम | निसार (नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार) |
| प्रक्षेपण विंडो | जून 2025 |
| प्रक्षेपण यान | जीएसएलवी (भूस्थैतिक उपग्रह प्रक्षेपण यान) |
| मिशन का प्रकार | दोहरी-आवृत्ति एसएआर (सिंथेटिक एपर्चर रडार) का उपयोग करके पृथ्वी अवलोकन |
| शामिल एजेंसियां | नासा और इसरो |
| महत्व | नासा और इसरो के बीच पहला बड़ा सहयोगी पृथ्वी विज्ञान मिशन |
| वैज्ञानिक उद्देश्य | ग्लेशियरों के पिघलने, वनस्पतियों में परिवर्तन, भूकंपों और 1 सेमी जितने छोटे सतह परिवर्तनों की निगरानी |
| देरी के कारण | 12 मीटर के एंटीना के साथ समस्याएँ, जिसके लिए सुधार और प्रतिस्थापन की आवश्यकता है |
| अन्य इसरो मिशन | ईओएस-09 प्रक्षेपण, टीवी-डी2 मिशन, एक्सिओम-4 मिशन |
| ईओएस-09 प्रक्षेपण | दिन और रात दोनों समय उच्च-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग |
| टीवी-डी2 मिशन | गगनयान के लिए गर्भपात की स्थिति में क्रू एस्केप सिस्टम का परीक्षण |
| एक्सिओम-4 मिशन | भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभंशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरेंगे |

