वृद्धजन अधिकार पर एनएचआरसी सम्मेलन
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | एनएचआरसी का 31वां स्थापना दिवस |
| थीम | बुजुर्गों के अधिकार |
| स्थान | विज्ञान भवन, नई दिल्ली |
| मुख्य वक्ता | श्रीमती विजया भारती सयानी, कार्यवाहक अध्यक्ष, एनएचआरसी |
| भाषण के मुख्य बिंदु | बुजुर्गों को इतिहास के निर्माता के रूप में सम्मान, परिवार और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका, सम्मान और गरिमा की आवश्यकता। |
| बुजुर्गों के लिए चुनौतियाँ | आर्थिक असुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं में असमानता, सामाजिक अलगाव, भेदभाव, कानूनों का खराब कार्यान्वयन। |
| तत्काल आवश्यकताएँ | सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, पेंशन, सुरक्षित आवास, वित्तीय साक्षरता। |
| भेदभाव रोधी उपाय | आयु-आधारित भेदभाव और बुजुर्गों के प्रति दुर्व्यवहार के खिलाफ कानूनों को मजबूत करना। |
| ऐतिहासिक संदर्भ | भारत की बुजुर्गों के प्रति श्रद्धा की परंपरा, शहरीकरण और एकल परिवारों से उत्पन्न चुनौतियाँ। |
| तकनीकी सत्र | बुजुर्गों की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया, उम्र बढ़ने में लैंगिक पहलुओं का विश्लेषण, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का मूल्यांकन। |
| सरकारी प्रतिबद्धता | केंद्रीय मंत्री श्री अमित यादव ने बुजुर्गों की कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया और कानूनी बदलावों की संभावना व्यक्त की। |
| लैंगिक दृष्टिकोण | श्रीमती एंड्रिया एम. वोजनार (यूएनएफपीए इंडिया) ने पीढ़ीगत दृष्टिकोण और प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर दिया। |
| स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान | डॉ. वी. के. पॉल (नीति आयोग) ने स्वास्थ्य सेवाओं के उत्पादकता और सामाजिक सुरक्षा पर प्रभाव को रेखांकित किया। |

