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मध्य प्रदेश में जीपीएस-टैग वाले गिद्ध प्राकृतिक आवास में छोड़े गए

मध्य प्रदेश में जीपीएस-टैग वाले गिद्ध प्राकृतिक आवास में छोड़े गए
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मध्य प्रदेश में जीपीएस-टैग वाले गिद्ध प्राकृतिक आवास में छोड़े गए

पहलूविवरण
घटना/कार्यक्रमपहली बार हलाली बांध वन क्षेत्र में गिद्धों को छोड़ा गया।
स्थानगिद्ध संरक्षण और प्रजनन केंद्र (VCBC), केरवा, भोपाल, मध्य प्रदेश।
स्थापना वर्ष2014, वन विहार और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) के सहयोग से स्थापित।
ट्रैकिंग तकनीकसौर ऊर्जा से चलने वाले GPS-GSM ट्रैकर्स (Ornitrack-25) लगाए गए, जो उनकी गतिविधियों और आवास उपयोग की निगरानी करेंगे।
भारत में गिद्धों की प्रजातियाँभारत में 9 प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें दाढ़ी वाले, लम्बी चोंच वाले और ओरिएंटल व्हाइट-बैक्ड शामिल हैं।
संरक्षण स्थिति3 प्रजातियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत संरक्षित किया गया है। अन्य अनुसूची IV के अंतर्गत हैं।
खतरेडिक्लोफेनाक का उपयोग, आवास की हानि, भोजन की कमी, और पावर लाइन करंट
गिद्धों की भूमिकाप्रकृति के कचरा संग्राहक के रूप में कार्य करते हैं और वन्यजीव रोगों को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS)1883 में स्थापित, अनुसंधान और शिक्षा के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा देती है।

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