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म.प्र. और राजस्थान ने परबती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ परियोजना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

म.प्र. और राजस्थान ने परबती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ परियोजना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए
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म.प्र. और राजस्थान ने परबती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ परियोजना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

श्रेणीविवरण
परियोजना का नामपरबती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ परियोजना
लागत₹72,000 करोड़
सम्बंधित राज्यमध्य प्रदेश और राजस्थान
एमओयू हस्ताक्षरहाल ही में मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों द्वारा भोपाल में हस्ताक्षरित
उद्देश्यबारिश के मौसम में चंबल और उसकी सहायक नदियों के अतिरिक्त पानी को संचित करना
जल उपयोगराजस्थान के 13 जिलों और मध्य प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्रों को पानी उपलब्ध कराना
सिंचाई लाभदोनों राज्यों में कम से कम 2.8 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई
सांस्कृतिक कॉरिडोरखाटू श्याम मंदिर (राजस्थान) से महाकालेश्वर शिव मंदिर (उज्जैन, मध्य प्रदेश) तक एक कॉरिडोर का निर्माण
चंबल नदी का उद्गमविंध्य पर्वत की सिंगार चौरी चोटी (इंदौर, मध्य प्रदेश)
चंबल नदी का प्रवाहमध्य प्रदेश (346 किमी), राजस्थान (225 किमी), और उत्तर प्रदेश (32 किमी) से होकर यमुना में मिलती है
सहायक नदियाँबनास, काली सिंध, सिप्रा, परबती, आदि
प्रमुख बांध/बिजली परियोजनाएँगांधी सागर बांध, राणा प्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध, कोटा बैराज
राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्यचंबल नदी के किनारे स्थित; घड़ियाल, लाल मुकुट वाली छतकछाऊँ, गंगा डॉल्फिन जैसे लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए जाना जाता है

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