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ISRO के भविष्य के मिशन और तकनीकी प्रगति

ISRO के भविष्य के मिशन और तकनीकी प्रगति
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ISRO के भविष्य के मिशन और तकनीकी प्रगति

सारांश/स्थिरविवरण
खबर में क्यों?ISRO ने कई भविष्य के मिशनों और तकनीकी उन्नतियों की घोषणा की, जिसमें शुक्र मिशन शुक्रयान को मंजूरी दी गई है।
मिशन/पहल
शुक्रयान (शुक्र मिशन) मंजूरशुक्र के वायुमंडल और सतह का अध्ययन करने के लिए उपग्रह। समयसीमा - 2028
चंद्रयान 4भारत-जापान संयुक्त मिशन; 350 किलोग्राम के रोवर के साथ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सटीक लैंडिंग का लक्ष्य। समयसीमा - 2030 (अनुमानित)
मंगल मिशनमंगल की कक्षा में उपग्रह स्थापित करना और सतह पर लैंडिंग का प्रयास। समयसीमा - निर्धारित होना बाकी
गगनयानमानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम; बिना चालक के प्रक्षेपण के बाद मानव मिशन। समयसीमा - 2026
भारत का अंतरिक्ष स्टेशनसरकार द्वारा मंजूर; ISS से छोटा, पांच मॉड्यूल वाला; चंद्र मिशनों के लिए एक ट्रांजिट सुविधा के रूप में कार्य करेगा। समयसीमा - पहला मॉड्यूल 2028 तक, पूरी तरह कार्यात्मक 2035 तक
मौसम और संचारउन्नत सेंसर और INSAT 4 श्रृंखला के उपग्रह मौसम विज्ञान और समुद्र विज्ञान के लिए, जो मौसम पूर्वानुमान और संचार प्रणालियों को बेहतर बनाएंगे। समयसीमा - जारी

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