ईरान का पार्स 1 उपग्रह प्रक्षेपण: अंतरिक्ष अन्वेषण में मील का पत्थर
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| उपग्रह का नाम | Pars 1 |
| प्रक्षेपण स्थल | Vostochny Cosmodrome, रूस |
| कक्षा की ऊँचाई | 310 मील (500 किलोमीटर) |
| उद्देश्य | रिमोट सेंसिंग और इमेजिंग, इरान के भूगोल पर केंद्रित |
| सहयोगी देश | रूस |
| पिछला प्रक्षेपण | अगस्त 2022 में Khayyam उपग्रह, जिसे भी रूस द्वारा सुविधा प्रदान की गई थी |
| इरान के अंतरिक्ष प्रयास | जनवरी 2023 में अपने रॉकेट से तीन उपग्रह प्रक्षेपित करने का दावा |
| अंतर्राष्ट्रीय चिंताएं | पश्चिमी देश, खासकर अमेरिका, उपग्रह प्रौद्योगिकी के सैन्य उपयोग की चिंता जता रहे हैं |
| इरान का पक्ष | गतिविधियां नागरिक या रक्षात्मक उद्देश्यों के लिए हैं, परमाणु हथियारों के लिए नहीं |
| प्रतिबंधों का संदर्भ | अमेरिका द्वारा इरान पर प्रतिबंध, खासकर 2018 में परमाणु समझौते से बाहर आने के बाद |
| रूस-इरान संबंध | वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग मजबूत हो रहा है; रूस के लिए संभावित सैन्य लाभ |
| अमेरिका की प्रतिक्रिया | यूक्रेन संघर्ष में रूस का समर्थन करने पर इरान पर आगामी प्रतिबंध |

