भारत के परमाणु दिग्गज
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पुस्तक इंडियाज़ न्यूक्लियर टाइटन्स प्राप्त की। |
| पुस्तक के संपादक | सौम्या अवस्थी और श्रावणा बरुआ |
| पुस्तक का फोकस | भारत के परमाणु राज्य में विकास, प्रमुख व्यक्तियों की भूमिकाओं पर प्रकाश डालना। |
| प्रमुख व्यक्तियों का उल्लेख | होमी भाभा, विक्रम साराभाई, अब्दुल कलाम, के. सुब्रह्मण्यम, आदि। |
| जयशंकर के विचार | युवा पीढ़ी द्वारा परमाणु अग्रदूरीयों के योगदान को पहचानने पर जोर दिया। |
| काकरापार परमाणु ऊर्जा केंद्र (KAPS) का दौरा | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2023 में KAPS का दौरा किया। |
| समर्पित परियोजनाएं | दो प्रेशराइज्ड हैवी वाटर रिएक्टर (PHWRs): KAPS-3 और KAPS-4। |
| क्षमता | 1400 मेगावॉट की संचयी क्षमता। |
| निर्माण लागत | 22,500 करोड़ रु से अधिक। |
| PHWRs का महत्व | भारत के सबसे बड़े स्वदेशी PHWRs जो उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से लैस हैं। |

