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भारतीय सेना खेल सम्मेलन 2023: 2036 ओलंपिक की तैयारी

भारतीय सेना खेल सम्मेलन 2023: 2036 ओलंपिक की तैयारी
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भारतीय सेना खेल सम्मेलन 2023: 2036 ओलंपिक की तैयारी

सारांश/स्थिरविवरण
चर्चा में क्यों?भारतीय सेना ने भारतीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी भूमिका को रेखांकित करने और 2036 ओलिंपिक की मेजबानी के लक्ष्य में योगदान देने के लिए आर्मी स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव की मेजबानी की।
उद्देश्यभारतीय सेना के खेलों में योगदान को उजागर करना और 2036 ओलिंपिक की मेजबानी के प्रयासों को संरेखित करना।
सहयोगी संगठनभारतीय ओलिंपिक संघ, खेल प्राधिकरण भारत (SAI), राष्ट्रीय खेल महासंघ।
खेलों में सेना का योगदानएशियाई खेलों और ओलिंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लंबी परंपरा। राष्ट्रीय गौरव, फिटनेस और प्रतिष्ठा के लिए एथलीटों को लगातार प्रशिक्षित करती रही है।
खेल अवसंरचना और विंग्स2001 में मिशन ओलिंपिक विंग की स्थापना की गई, जिसमें 28 खेल नोड्स में 9,000 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। SAI के सहयोग से 18 बॉयज स्पोर्ट्स कंपनियां और 2 गर्ल्स स्पोर्ट्स कंपनियां हैं। दिव्यांग सैनिकों के लिए पैरालिंपिक नोड। एथलीटों के लिए विशेष प्रशिक्षण व्यवस्था और अवसंरचना।
उपस्थित लोगडॉ. मनसुख मंडाविया (श्रम और रोजगार, युवा मामले और खेल मंत्री), कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर (सेवानिवृत्त), उद्योग और वाणिज्य व युवा मामले मंत्री, राजस्थान सरकार, जनरल उपेंद्र द्विवेदी (थल सेनाध्यक्ष)।
डॉ. मनसुख मंडाविया का संबोधनभारतीय सेना की खेलों में भूमिका की सराहना की। ओलिंपिक सफलता के लिए बहु-एजेंसी प्रयासों और एक रोडमैप की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियां शामिल हैं।

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