भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग: $10 बिलियन का निवेश
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| मुख्य खिलाड़ी | इज़राइल की टॉवर सेमीकंडक्टर और भारत का अडाणी ग्रुप |
| निवेश | 839.47 अरब रुपये ($10 बिलियन) |
| परियोजना स्थान | महाराष्ट्र, भारत |
| परियोजना का दायरा | सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र |
| प्रारंभिक उत्पादन क्षमता | 40,000 वेफर्स |
| महाराष्ट्र में व्यापक निवेश | - स्कोडा-वोक्सवागन: इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र के लिए 150 अरब रुपये <br> - टोयोटा-किर्लोस्कर: हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन के लिए 212.73 अरब रुपये |
| आर्थिक प्रभाव | 29,000 नौकरियों के सृजन की उम्मीद |
| भारत के सेमीकंडक्टर बाजार का दृष्टिकोण | 2026 तक $63 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान |
| संदर्भ | भारत के चिप उत्पादन के वैश्विक केंद्र बनने के प्रयास का हिस्सा |
| पिछली चुनौतियाँ | - फॉक्सकॉन का वेदांता के साथ $19.5 बिलियन के संयुक्त उद्यम से हटना <br> - आईएसएमसी द्वारा $3 बिलियन के निवेश की योजना रुकी |

