भारत का एमपॉक्स प्रकोप पर प्रतिक्रिया
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | WHO ने Mpox को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया। |
| कारण | अफ्रीका में Mpox के बढ़ते प्रसार के कारण। |
| भारत सरकार की प्रतिक्रिया | WHO की यात्रा सलाह न होने के बावजूद सतर्कता उपाय बढ़ाए गए। |
| प्रवेश बिंदुओं पर सतर्कता | एयरपोर्ट, बंदरगाह और सीमा अधिकारियों को सतर्क किया गया, विशेषकर बांग्लादेश और पाकिस्तान की सीमाओं पर। |
| अस्पताल तैयारियां | सफदरजंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल और लेडी हार्डिंग में अलगाव सुविधाएं स्थापित की गईं। |
| विशेषज्ञ परामर्श | केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विशेषज्ञों और NCDC के साथ बैठकें कीं ताकि Mpox के नए वेरिएंट को संबोधित किया जा सके। |
| बढ़ी हुई निगरानी | PK मिश्रा के नेतृत्व में समीक्षा बैठक हुई; बढ़ी हुई निगरानी उपाय लागू हैं। |
| परीक्षण सुविधाएं | 32 ICMR केंद्रों पर परीक्षण उपलब्ध; अस्पतालों में नोडल अधिकारी तैनात किए गए। |
| जोखिम मूल्यांकन | Mpox को स्व-सीमित बताया गया है जिसके लक्षण चिकनपॉक्स के समान हैं; भारत में व्यापक प्रसार का जोखिम कम है। |
| WHO की घोषणा | Mpox को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में वर्गीकृत किया गया; कोई यात्रा सलाह जारी नहीं की गई। |
| भारत में वर्तमान स्थिति | अब तक भारत में कोई मामला सामने नहीं आया है। |

