भारत और निकारागुआ ने फार्माकोपिया मान्यता के माध्यम से फार्मास्युटिकल संबंध मजबूत किए
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | भारत और निकारागुआ के बीच फार्माकोपिया मान्यता पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर |
| हस्ताक्षरकर्ता | डॉ. सुमित सेठ (भारत के निकारागुआ राजदूत) और डॉ. मार्था रेयेस (निकारागुआ की स्वास्थ्य मंत्री) |
| महत्व | निकारागुआ भारतीय फार्माकोपिया (आईपी) को मान्यता देने वाला पहला स्पेनिश भाषी देश बन गया है |
| भारतीय फार्माकोपिया (आईपी) | भारत में औषधि मानकों का आधिकारिक ग्रंथ, 1955 में स्थापित |
| आईपी की वैश्विक मान्यता | अफगानिस्तान, घाना, नेपाल, मॉरीशस, सूरीनाम और अब निकारागुआ द्वारा मान्यता प्राप्त |
| फार्माकोपिया की भूमिका | दवाओं की संरचना, शुद्धता और परीक्षण विधियों के मानक निर्धारित करता है |
| प्रमुख वैश्विक फार्माकोपिया | यूएसपी (यूएसए), बीपी (यूके), फार्मा यूर (यूरोप), जेपी (जापान) |
| निकारागुआ के विवरण | राजधानी: मानागुआ; मुद्रा: निकारागुअन कोर्डोबा; राष्ट्रपति: डैनियल ऑर्टेगा; महाद्वीप: उत्तरी अमेरिका |

