भारत ने बाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए ‘समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (SSBSK)’ शुरू किया।
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम का नाम | समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (Samagra Shishu Bal Swasthya Karyakram - SSBSK) |
| शुभारंभ किया | केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 16वीं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद (CCHFW) बैठक में। |
| उद्देश्य | जन्म से 36 माह तक के बच्चों के लिए एकीकृत (Unified) स्वास्थ्य सेवा ढाँचा उपलब्ध कराना। |
| मुख्य दृष्टिकोण (Vision) | "पहले तीन साल सम्पूर्ण देखभाल" (Comprehensive Care During the First Three Years)। |
| एकीकरण | होम-बेस्ड न्यूबॉर्न केयर (HBNC) तथा होम-बेस्ड केयर फॉर यंग चाइल्ड (HBYC) योजनाओं का एकीकरण। |
| जोखिम-आधारित देखभाल (Risk-Stratified Care) | उच्च जोखिम वाले बच्चों (जैसे कम जन्म वजन, समय से पूर्व जन्म, कुपोषण आदि) को अतिरिक्त स्वास्थ्य विज़िट प्रदान की जाएँगी— नवजातों के लिए 42 दिनों में अधिकतम 9 विज़िट तथा 36 माह तक 8 अतिरिक्त विज़िट। |
| स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका | आशा (ASHA), एएनएम (ANM), सीएचओ (CHO) तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (AWW) समन्वित देखभाल सुनिश्चित करेंगे। उच्च जोखिम वाले नवजातों के लिए तीसरे एवं सातवें दिन संयुक्त विज़िट की जाएगी। |
| जाँच (स्क्रीनिंग) पहल | VHSND के दौरान वेल-बेबी सेशन (Well-Baby Sessions) तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मासिक शिशु शिविर आयोजित किए जाएँगे। |
| मातृ स्वास्थ्य | आशा कार्यकर्ताओं द्वारा प्रसवोत्तर (Post-partum) मानसिक स्वास्थ्य जाँच की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित रेफरल दिया जाएगा। |
| प्रारंभिक बाल विकास | उत्तरदायी पालन-पोषण (Responsive Parenting), खेल, सीखने की प्रक्रिया, बाल सुरक्षा तथा स्क्रीन टाइम कम करने पर विशेष ध्यान। |
| डिजिटल एकीकरण | डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS), ABHA/Baal-ABHA आईडी का उपयोग तथा JANANI, U-WIN, MPCDSR, RBSK 2.0 और POSHAN Tracker जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों से एकीकरण। |

