2024 पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक: भारत की चुनौतियाँ और प्रगति
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| भारत की EPI रैंकिंग (2024) | 180 देशों में से 176वां स्थान |
| शीर्ष 3 देश | 1. एस्टोनिया (75.3), 2. लक्ज़मबर्ग (75.0), 3. जर्मनी (74.6) |
| प्रमुख चुनौतियाँ | - वायु गुणवत्ता: खराब, अक्सर सुरक्षित सीमा से अधिक। |
| - जैव विविधता: पारिस्थितिकी तंत्र की जीवंतता, प्रजाति संरक्षण और आवास संरक्षण में कम अंक। | |
| - ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन: वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े उत्सर्जकों में से एक। | |
| प्रगति | - जलवायु परिवर्तन: नवीकरणीय ऊर्जा पहल और 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य। |
| - क्षेत्र-विशिष्ट लाभ: अपशिष्ट प्रबंधन, वन संरक्षण और कृषि में सुधार। | |
| नीति और तुलना | - कोयला निर्भरता: कोयले पर अत्यधिक निर्भरता जारी है। |
| - वैश्विक संदर्भ: अन्य देशों की पर्यावरणीय प्रगति के कारण रैंकिंग प्रभावित। |

