प्रधानमंत्री मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 18 प्रमुख समझौतों के साथ द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हुए
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने हेतु ऑस्ट्रेलिया यात्रा। |
| हस्ताक्षरित समझौते | रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा एवं सांस्कृतिक सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में 18 समझौतों/पहल पर हस्ताक्षर किए गए। |
| प्रमुख परिणाम | - रक्षा एवं सुरक्षा: रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा (JDDSC) तथा समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप (MSCR)।<br>- ऊर्जा: असैनिक परमाणु ऊर्जा समझौते को अंतिम रूप दिया गया तथा ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने पर सहमति। |
| प्रौद्योगिकी एवं नवाचार | - PACTS साझेदारी: साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी (Critical Technology) एवं आपूर्ति शृंखलाओं (Supply Chains) में सहयोग।<br>- ACITI साझेदारी: ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सहयोग। |
| शिक्षा एवं अनुसंधान | - फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय का बेंगलुरु में शाखा परिसर।<br>- विक्टोरिया विश्वविद्यालय का गुरुग्राम में परिसर।<br>- CSIR, ग्रिफिथ फिल्म स्कूल तथा जियोसाइंस ऑस्ट्रेलिया के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर। |
| सांस्कृतिक सहयोग | भारत की 3 प्राचीन कलाकृतियों की वापसी तथा पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी (Traditional Knowledge Digital Library - TKDL) तक पहुँच उपलब्ध कराने पर सहमति। |
| आर्थिक पहल | - खनन एवं METS उत्कृष्टता केंद्र (Mining & METS Centre of Excellence) की स्थापना।<br>- रूफटॉप ट्रेनिंग अकादमी की स्थापना।<br>- चमड़ा (Leather) क्षेत्र में कौशल विकास हेतु NCVET-ASQA के बीच सहयोग। |

