भारत का समुद्री बुनियादी ढांचे और ग्रीन हाइड्रोजन हब में 20 बिलियन डॉलर का निवेश
| पहलू/विषय | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | नॉर-शिपिंग सम्मेलन 2025, ओस्लो, नॉर्वे |
| घोषणाकर्ता | केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल |
| मुख्य घोषणा | भारत का समुद्री बुनियादी ढांचे में 20 अरब डॉलर का निवेश |
| केंद्रित क्षेत्र | बंदरगाह कनेक्टिविटी, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, व्यापार सुगमता, स्थिरता |
| ग्रीन हाइड्रोजन हब पोर्ट | कंडला, तूतीकोरिन, पारादीप |
| वैश्विक समुद्री गलियारे | INSTC, EMC, IMEEC |
| उद्देश्य | बंदरगाह कनेक्टिविटी को बढ़ाना, लॉजिस्टिक्स विकसित करना, स्थिरता को बढ़ावा देना, वैश्विक व्यापार को मजबूत करना, नाविकों के रोजगार का विस्तार करना |
| निवेश विवरण | बंदरगाहों का आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स हब, अंतर्देशीय जलमार्ग, ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन |
| जहाज निर्माण और निवेश | जहाज निर्माण क्षमताओं, अभिनव वित्तपोषण, निवेश-अनुकूल नीतियों पर प्रकाश डाला गया |
| सीफेयरर सहयोग | भारतीय नाविकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी पर जोर |
| पृष्ठभूमि जानकारी | 12 प्रमुख बंदरगाह, 200+ गैर-प्रमुख बंदरगाह, समुद्री भारत विजन 2030, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन |
| स्थिरता लक्ष्य | समुद्री क्षेत्र में नेट-जीरो उत्सर्जन |

