आईआईटी धारवाड़ ने थर्मल इमेजिंग युक्त फायर रेस्क्यू ड्रोन विकसित किया
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | फायर रेस्क्यू में ड्रोन डिज़ाइन और स्वायत्त नेविगेशन पर वर्कशॉप (DDANFR 2024) |
| तिथियाँ | 31 मई और 1 जून, 2024 |
| आयोजक | फायर एंड थर्मल रिसर्च लेबोरेटरी (FLRL) और कंट्रोल सिस्टम एंड रोबोटिक्स लेबोरेटरी, आईआईटी धारवाड़ |
| मुख्य व्यक्ति | प्रो. सुधीर सिद्दापुरेड्डी और अमीर मुल्ला |
| वित्तपोषण | TiHAN फाउंडेशन, आईआईटी हैदराबाद (NMICPS, भारत सरकार) |
| नवाचार | फायर रेस्क्यू सहायता ड्रोन |
| क्षमताएँ | थर्मल इमेजिंग, हॉटस्पॉट पहचान, आग फैलने की निगरानी, लौ की तीव्रता का मूल्यांकन |
| संबोधित चुनौतियाँ | धुएं से भरे क्षेत्रों में नेविगेशन, कॉम्पैक्ट और शक्तिशाली डिज़ाइन, गर्म मौसम की स्थितियाँ |
| योगदानकर्ता | फायर एंड थर्मल रिसर्च लेबोरेटरी (FTRL): लचीले सुरक्षा कवच, सूट-प्रतिरोधी सेंसर |
| आग बुझाने से परे अनुप्रयोग | ट्रेन स्टेशनों, मॉल और तीर्थ केंद्रों में भीड़ प्रबंधन |
| प्रेरणा | आईआईटी की अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और रचनात्मक समाधान विकसित करने की परंपरा |
| अतिरिक्त योगदान | भारतीय रेलवे के लिए बायोटॉयलेट का विकास |
| मुख्य वक्ता | प्रो. भास्कर दीक्षित (जैन यूनिवर्सिटी), शिवा बाथिना (आईआईटी मद्रास) |

