हज़ारीबाग: भारत का पहला मोती पालन क्लस्टर
| प्रमुख पहलू | विवरण |
|---|---|
| स्थान | हजारीबाग जिला, झारखंड |
| महत्त्व | भारत का पहला और एकमात्र मोती (पर्ल) उत्पादन क्लस्टर |
| उद्देश्य | वैज्ञानिक जलीय कृषि (Scientific Aquaculture) को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन करना तथा महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना। |
| महिलाओं की भागीदारी | महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को मोती पालन का प्रशिक्षण दिया गया है तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए संपूर्ण महिला किसान उत्पादक संगठन (FPO) स्थापित करने का प्रस्ताव है। |
| मोती पालन की मूल बातें | • सीप (Oyster) के अंदर नाभिक (Nucleus) डालकर मोती का उत्पादन किया जाता है।<br>• इसके लिए स्वच्छ जल, उपयुक्त सीप प्रजातियाँ तथा विशेष प्रशिक्षण आवश्यक होता है। |
| मोतियों के प्रकार | मीठे पानी के मोती (Freshwater Pearls) तथा खारे पानी के मोती (Saltwater Pearls) |

