हरेला उत्सव 2024: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हरियाली का उत्सव
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| त्योहार का नाम | हरेला त्योहार 2024 |
| मनाया जाता है | उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में (मुख्य रूप से कुमाऊँ क्षेत्र) |
| महत्व | मानसून की शुरुआत और नई फसलों की बुआई का प्रतीक |
| तिथि | श्रावण मास का पहला दिन (हिंदू चंद्र-सौर कैलेंडर) |
| हरेला का अर्थ | कुमाऊँनी शब्द हरियाला से लिया गया है, जिसका अर्थ है हरियाली का दिन |
| संबंधित आयोजन | भगवान शिव और देवी पार्वती के विवाह का आनुष्ठानिक उत्सव |
| कृषि महत्व | किसानों के लिए शुभ माना जाता है, क्योंकि यह बुआई के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है |
| अन्य उत्सव | हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रों जैसे कांगड़ा, शिमला, सिरमौर, जुब्बल और किन्नौर में इसे हरियाली या रिह्याली के नाम से जाना जाता है |

