महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए गुजरात पुलिस ने 'ऑपरेशन सुरक्षित साइबरस्पेस' शुरू किया।
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| अभियान का नाम | ऑपरेशन सुरक्षित साइबरस्पेस (Operation Surakshit Cyberspace) |
| शुरू करने वाली संस्था | गुजरात पुलिस |
| उद्देश्य | महिलाओं एवं बच्चों के लिए डिजिटल (साइबर) वातावरण को अधिक सुरक्षित बनाना। |
| मार्गदर्शन | पुलिस महानिदेशक (DGP) जी.एस. मलिक के मार्गदर्शन में। |
| समन्वय | सीआईडी अपराध–महिला प्रकोष्ठ (CID Crime–Women Cell) द्वारा। |
| प्रमुख विशेषताएँ | प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग, साइबर जागरूकता कार्यक्रम, पीड़ित सहायता (Victim Outreach) तथा समन्वित प्रवर्तन (Coordinated Enforcement)। |
| मुख्य फोकस क्षेत्र | साइबर स्टॉकिंग (Cyberstalking), ऑनलाइन उत्पीड़न, पहचान की चोरी (Identity Theft), वित्तीय धोखाधड़ी तथा डिजिटल गोपनीयता (Privacy) का उल्लंघन। |
| प्रमुख अधिकारी | अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (CID Crime–Women Cell) अजय चौधरी। |
| लक्षित वर्ग | महिलाएँ, बच्चे, विद्यार्थी तथा किशोरियाँ। |
| सामुदायिक सहयोग | बैंक, दूरसंचार सेवा प्रदाता, शैक्षणिक संस्थान, रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), गैर-सरकारी संगठन (NGO) तथा सामुदायिक नेता। |
| अभियान का नारा | "जागरूकता से सुरक्षा, प्रौद्योगिकी से जांच, कानून से कार्रवाई और जनभागीदारी से सुरक्षित गुजरात।" |

