घड़ियाल संरक्षण: मध्य प्रदेश की अगुवाई
| सारांश/स्थिर | विवरण |
|---|---|
| समाचार में क्यों? | घड़ियाल संरक्षण: वे क्यों लुप्तप्राय हैं और मध्य प्रदेश कैसे अग्रणी बन रहा है |
| प्रजाति का नाम | गेवियालिस गैंजेटिकस (घड़ियाल) |
| प्राकृतिक आवास | स्वच्छ मीठे पानी की नदियाँ (मुख्य रूप से चंबल, गंगा) |
| मुख्य आबादी | 80% से अधिक मध्य प्रदेश में पाई जाती है |
| खतरे | आवास विनाश, रेत खनन, प्रदूषण, मछली पकड़ने के जाल, नदी के प्रवाह में कमी |
| संरक्षण प्रयास | कैप्टिव प्रजनन, नदी सुरक्षा, समुदाय की भागीदारी, रेत के तटों का पुनर्स्थापन |
| मुख्य अभयारण्य | राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य (435 किमी) |
| हालिया रिलीज़ | मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा 10 घड़ियालों को छोड़ा गया (फरवरी 2025) |
| आबादी वृद्धि | 2024 जनगणना: चंबल अभयारण्य में 2,456 घड़ियाल |

