राजस्थान में किसानों के लिए बिजली: नवीकरणीय ऊर्जा का नया युग
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए। |
| उद्देश्य | 2027 तक कृषि उपयोगकर्ताओं को दिन के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना। |
| मुख्य पहल | - पीएम-कुसुम-सी स्कीम के तहत 4,386 मेगावाट परियोजनाओं के लिए लॉटर ऑफ इंटेंट। <br> - जयपुर में दो गैस आधारित बिजली संयंत्रों के लिए एमओयू साइन किया गया। |
| पीएम-कुसुम स्कीम | - 2019 में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा शुरू की गई। <br> - 31 मार्च 2026 तक 30.8 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ने का लक्ष्य। <br> - इसके घटकों में फीडर-स्तरीय सौरकरण और सौर ऊर्जा चालित पंप शामिल हैं। |
| पीएम-कुसुम के उद्देश्य | - कृषि क्षेत्र को डीजल से मुक्त करना। <br> - सिंचाई लागत को कम करके किसानों की आय बढ़ाना। <br> - जल और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाना। <br> - पर्यावरण प्रदूषण को रोकना। |
| किसानों पर प्रभाव | - किसानों को दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली प्राप्त होगी। <br> - सौरकरण के माध्यम से पूंजी और बिजली लागत में कमी आएगी। |

