| घटना | गया में एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर का विकास |
| घोषणा की तिथि | हाल ही में |
| हस्ताक्षरकर्ता | राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास निगम (NICDC) और बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) |
| हस्ताक्षरित समझौते | राज्य समर्थन समझौता (SSA) और शेयरधारक समझौता (SHA) |
| परियोजना स्थान | गया, बिहार |
| कॉरिडोर का हिस्सा | अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर (AKIC) |
| परियोजना दृष्टि | विकास भी, विरासत भी दृष्टि, जो औद्योगिक विकास को सांस्कृतिक विरासत के साथ जोड़ती है |
| परियोजना लागत | 1,339 करोड़ रुपये |
| अपेक्षित रोजगार सृजन | 1,09,185 नौकरियां |
| लक्षित उद्योग | निर्माण सामग्री, कृषि-खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा उत्पाद, वस्त्र, फर्नीचर, हथकरघा, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग, फैब्रिकेशन, चिकित्सा उपकरण |
| रणनीतिक संपर्कता | - राष्ट्रीय राजमार्ग, गया जंक्शन, नया पहाड़पुर रेलवे स्टेशन |
| - गया अंतर्राष्ट्रीय, पटना अंतर्राष्ट्रीय, रांची हवाई अड्डा |
| - हल्दिया बंदरगाह, पटना में गैघाट, वाराणसी में रामनगर |
| नियोजित बुनियादी ढांचा | - कौशल विकास केंद्र, फायर स्टेशन, प्रशासनिक कार्यालय, पार्किंग, वाणिज्यिक स्थान |
| - सामान्य प्रवाही उपचार संयंत्र, सीवेज उपचार संयंत्र, जल उपचार संयंत्र, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वर्षा जल निकासी, हरित भूदृश्य |
| अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर (AKIC) | - पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल को कवर करता है |
| - लंबाई: अमृतसर (पंजाब) से दानकुनी (पश्चिम बंगाल) तक 1839 किमी |
| - रीढ़: पूर्वी समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर |