छत्तीसगढ़ जोखिम-आधारित ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस अधिनियम अपनाने वाला देश का पहला राज्य बना।
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| राज्य | छत्तीसगढ़ जोखिम-आधारित (Risk-Based) ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस अधिनियम अपनाने वाला भारत का पहला राज्य बना। |
| अधिनियम का नाम | छत्तीसगढ़ ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस अधिनियम, 2026, जिसे राज्य विधानसभा द्वारा पारित किया गया। |
| उद्देश्य | जोखिम-आधारित वर्गीकरण (Risk-Based Classification) के माध्यम से नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाना तथा व्यापारिक वातावरण में सुधार करना। |
| सरलीकृत अनुपालन | स्व-घोषणा (Self-Declarations) अथवा अधिकृत पेशेवरों (Authorized Professionals) द्वारा जारी अनुपालन प्रमाणपत्रों के माध्यम से देरी और लागत में कमी। |
| कार्यान्वयन ढांचा | त्रि-स्तरीय व्यवस्था (Three-tier System):<br>- कार्यकारी परिषद (Executive Council) – मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में।<br>- राज्य स्तरीय समिति (State-Level Committee) – मुख्य सचिव की अध्यक्षता में।<br>- जिला स्तरीय समितियाँ (District-Level Committees) – जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में। |

