केंद्र ने उत्तराखंड में जोशीमठ और कोसीयाकुटोली के नाम बदलने को मंजूरी दी
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | उत्तराखंड में जोशीमठ और कोसियाकुटोली का नाम बदलना |
| निर्णय प्राधिकरण | केंद्र ने उत्तराखंड सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दी |
| नए नाम | जोशीमठ → ज्योतिर्मठ; कोसियाकुटोली → परगना श्री कैंची धाम तहसील |
| स्थान | चमोली जिले में जोशीमठ; नैनीताल जिले में कोसियाकुटोली |
| नाम बदलने के कारण | धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ाना |
| जोशीमठ पृष्ठभूमि | प्राचीन नाम: ज्योतिर्मठ; हाल का नाम: जोशीमठ (संभवतः स्वाभाविक रूप से विकसित) |
| ज्योतिर्मठ का महत्व | आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठों में से एक; अद्वैत वेदांत को बढ़ावा देता है |
| जोशीमठ हालिया मुद्दा | 2023 में भूमि धंसने के कारण बड़ी दरारें |
| कोसियाकुटोली का महत्व | नीम करोली बाबा के कैंची धाम आश्रम के लिए जाना जाता है, एक प्रमुख तीर्थ स्थल |
| कोसी नदी संदर्भ | कोसी नदी नैनीताल जिले से होकर बहती है; कुटोली का अर्थ है गाँव/बस्ती |

