अंत्योदय दिवस: पंडित दीनदयाल उपाध्याय को समर्पित
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | अंत्योदय दिवस |
| तिथि | 25 सितंबर |
| उद्देश्य | पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को मनाना |
| पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बारे में | |
| जन्म | 25 सितंबर, 1916, मथुरा, उत्तर प्रदेश |
| भूमिका | भारतीय जन संघ (BJS) के सह-संस्थापक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विचारक, BJS के नेता (1953-1968) |
| महत्वपूर्ण योगदान | 21 सितंबर, 1951 को भारतीय जन संघ की राज्य इकाई की स्थापना की |
| अंत्योदय दिवस का महत्व | |
| फोकस | अंतिम व्यक्ति का उत्थान, समग्र मानवता, सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता, आत्मनिर्भरता |
| सरकारी योजनाएँ | अंत्योदय अन्न योजना (खाद्यान्न वितरण), ग्रामीण कल्याण कार्यक्रम |
| दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) | |
| उद्देश्य | ग्रामीण गरीबों के लिए संस्थागत मंच बनाकर आय बढ़ाना और वित्तीय सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करना |
| एजेंडा | 7 करोड़ ग्रामीण गरीब परिवारों, 600 जिलों, 6000 ब्लॉक्स, 2.5 लाख ग्राम पंचायतों, 6 लाख गाँवों को कवर करना |
| मूल्य | सबसे गरीबों का समावेश, पारदर्शिता, जवाबदेही, समुदाय की आत्मनिर्भरता, चरणबद्ध कार्यान्वयन |
| प्रमुख विशेषताएँ | सार्वभौमिक सामाजिक संगठन, गरीबों की सहभागी पहचान (PIP), वित्तीय समावेशन, समुदाय निधि, आजीविका |

